विदेश मंत्रालय ने वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय के सहयोग से राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में ब्रिक्स शेरपा और सू-शेरपाओं के लिए एक विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया। 10 फरवरी को आयोजित यह कार्यक्रम भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शेरपा और सू-शेरपाओं की पहली बैठक के सफल समापन पर हुआ। वस्त्र मंत्रालय ने बताया है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्प, कला, संगीत और व्यंजन सहित जीवंत परंपराओं को प्रदर्शित करना था। इस कार्यक्रम में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ईरान और इंडोनेशिया के शेरपाओं ने भाग लिया। ब्रिक्स सदस्य और सहयोगी देशों के राजदूतों तथा लगभग 30 विदेशी प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
प्रतिनिधियों को संग्रहालय की दीर्घाओं का भ्रमण कराया गया। उन्हें देश के विविध शिल्प, लोक कलाओं से परिचित कराया गया। संग्रहालय परिसर में ब्लैक पॉटरी, चंबा रुमाल, कलमकारी, लाख की चूड़ियां और पेपर माशे से बने उत्पादों की विशेष कार्यशालाएं लगाई गईं। इन कार्यशालाओं में भारत के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जिन्होंने अतिथियों को आकर्षित किया।
News On AIR | फ़रवरी 13, 2026 6:28 अपराह्न | BRICS cultural evening at National Crafts Museum
ब्रिक्स शेरपाओं के लिए राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में विशेष सांस्कृतिक संध्या