सरकार ने दोहराया कि देश में उर्वरकों की उपलब्धता बनी हुई है और आपूर्ति लगातार मांग से अधिक है। पश्चिम एशिया घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में उर्वरक विभाग की अपर सचिव अपर्णा शर्मा ने कहा कि अब तक किसी भी प्रकार की कमी की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि यूरिया की उपलब्धता 71 दशमलव पांच-आठ लाख मीट्रिक टन है। जबकि आवश्यकता 18 दशमलव एक-सात लाख मीट्रिक टन है। वहीं, डीएपी की उपलब्धता 22 दशमलव तीन-पांच लाख मीट्रिक टन है। वहीं आवश्यकता 5 दशमलव नौ-शून्य लाख मीट्रिक टन है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति है और किसी भी वितरक को कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 93 प्रतिशत एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी ओटीपी सत्यापन के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस महीने अब तक एक लाख 65 हजार टन से अधिक व्यावसायिक एलपीजी की बिक्री हुई है। जबकि पिछले महीने यह लगभग एक लाख 29 हजार टन थी। उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। उन्होंने लोगों से घबराहट में खरीदारी और अफवाहों से बचने की अपील की।
पोत, पत्तन परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक मनदीप सिंह रंधावा ने बताया कि 25 अप्रैल को टोगो ध्वज वाले रासायनिक टैंकर, एमटी सिरोन की एक घटना की सूचना मिली। इसमें भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। उन्होंने बताया कि यह घटना ओमान के शिनास बंदरगाह की बाहरी सीमा के पास हुई और जब यह जहाज अन्य जहाजों के साथ चल रहा था, तभी ईरानी तटरक्षक बल ने इसे रोका और चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री हितधारकों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि सरकार चालक दल की सुरक्षा और समुद्री संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री रंधावा ने कहा कि क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत खाड़ी क्षेत्र के देशों के साथ अपने संबंध लगातार बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया और भारत-संयुक्त अरब अमीरात की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और बढाने के उपायों पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय में अपर सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन ने कहा कि विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र के घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रख रहा है और सरकार के प्रयास इस क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्री महाजन ने बताया कि इस वर्ष 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से लगभग 13 लाख 19 हजार यात्री भारत आ चुके हैं।