केन्द्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि यूरोपीय मुक्त व्यापार संगठन के सदस्य देश आइसलैंड, लिचेनस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौता इस वर्ष पहली अक्टूबर से प्रभावी होगा। श्री गोयल ने बताया कि विकसित देश भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की इच्छा रखते हैं।
यह समझौता संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के साथ पहले ही किया जा चुका है। केन्द्रीय मंत्री ने आज ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार शो के समापन सत्र में यह बात कही। श्री गोयल ने कहा कि भारत अमरीका, यूरोपीय संघ, न्यूजीलैंड, ओमान, पेरू और चिली के साथ भी इस समझौते को लेकर चर्चा कर रहा है। वहीं कतर और बहरीन ने भी इस समझौते को लेकर रूची दिखाई है। उन्होंने कहा कि यूरेशिया के साथ संदर्भ की शर्तों को अंतिम रूप दे दिया गया है। यह भारत की मजबूत वैश्विक स्थिति को दर्शाता है। श्री गोयल ने कहा कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार सात सौ बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज 2014 की कमजोर अर्थव्यवस्था से विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। भारत आने वाले दो वर्षों में पांच ट्रिलियन अमरीकी डॉलर की विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। हाल के जीएसटी सुधारों का उल्लेख करते हुए श्री गोयल ने कहा कि स्वाधीनता के बाद यह सबसे बड़ा सुधार है। इस सुधार का असर दशकों तक दिखेगा।
श्री गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार शो ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, महिला उद्यमियों, स्वदेशी उत्पादों और निर्यात केन्द्रित इकाइयों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। इस आयोजन को वोकल फॉर लोकल और लोकल गोज ग्लोबल का वास्तविक एकीकरण बताया। श्री गोयल ने सभी हितधारकों से स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध होने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि जीएसटी का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचे।