नेपाल ने बर्खास्त किये गये प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्यल ने आज बताया कि इस महीने की शुरूआत में नेपाल में हुए घातक विरोध प्रदर्शनों की जांच के कारण यह प्रतिबंध लगाया गया है। इस विरोध प्रदर्शन में लगभग 73 लोगों की मृत्यु हुई थी। ओली के साथ पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक, राष्ट्रीय जांच विभाग सुरक्षा एजेंसी के पूर्व प्रमुख हुतराज थापा और दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर यह प्रतिबंध लगाया गया है।
अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने हिंसा की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया है। इसके द्वारा कल प्रतिबंधों की सिफारिश की गई थी। आयोग के सदस्य विज्ञान राज शर्मा ने एक वक्तव्य में कहा कि इन पांच लोगों को काठमांडू घाटी छोडने के लिए भी अनुमति लेने की जरूरत होगी। किसी भी समय इन्हें जांच के लिए उपस्थित होने की जरूरत पड सकती है। नेपाली वाणिज्य और उद्योग महासंघ का अनुमान है कि ऑटोमोबाइल, होटल और खुदरा उद्योगों सहित निजी क्षेत्र को लगभग छह सौ मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है।
पूर्व प्रधानमंत्री ओली ने घुसपैठियों को हिंसा भडकाने का दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन में राइफलों के कथित उपयोग की जानकारी किसी अन्य स्रोत से मिली।