बेंगलुरु स्थित मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने ट्वीट किया है कि आलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम हटाए जाने संबंधी सभी उपलब्ध जानकारी 6 सितंबर, 2023 को कलबुर्गी जिले के पुलिस अधीक्षक को जांच पूरी करने के लिए सौंप दी गई है।
निर्वाचन कार्यालय द्वारा X पर पोस्ट पर बताया गया कि यह पोस्ट लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा आज नई दिल्ली में लगाए गए आरोपों के जवाब में है। बयान में कहा गया है कि दिसंबर 2022 के दौरान आलंद से निर्वाचक पंजीयन अधिकारी को फॉर्म 7 में छह हजार 18 ऑनलाइन आवेदन जमा किए गए थे।
मतदाताओं के नाम हटाने के लिए इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों की सत्यता पर संदेह होने पर, ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ द्वारा प्रत्येक आवेदन का सत्यापन किया गया। केवल 24 आवेदन ही वास्तविक पाए गए और अन्य पांच हजार नौ सौ 94 आवेदन गलत थे। तदनुसार, 24 आवेदन स्वीकार किए गए तथा बाकी गलत पाए गए आवेदनों को अस्वीकार कर दिया गया बाकी किसी भी मतदाताओं के नाम नहीं हटाए गए।
चुनाव कार्यालय द्वारा जारी बयान में आगे कहा गया है कि शिकायतकर्ता का विवरण, उसका ईपीआईसी नंबर, लॉग इन के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर, सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन माध्यम, आईपी एड्रेस, उसका निवास स्थान, उपयोगकर्ता निर्माण तिथि और फॉर्म संदर्भ संख्या जिला पुलिस प्रमुख के साथ साझा की गई थी। इसमें आगे कहा गया है कि कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी ने जांच की प्रगति की समीक्षा के लिए जांच अधिकारी और पुलिस के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ एक बैठक की थी। ईआरओ और बीएलओ द्वारा की गई जांच के निष्कर्षों के आधार पर, 21 फरवरी, 2023 को अलंद पुलिस स्टेशन में पुलिस निरीक्षक के समक्ष प्राथमिकी दर्ज की गई।