उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सभ्यता के गौरव और आधुनिक आकांक्षाओं के बीच संतुलन बनाए रखने पर बल दिया है। नई दिल्ली में आज बालगोकुलम के रजत जयंती समारोह के उद्घाटन अवसर पर श्री राधाकृष्णन ने कहा कि बालगोकुलम जैसे संस्थान मार्गदर्शक का कार्य कर रहे हैं। यह संस्थान बच्चों को उनकी जड़ों से जोड़कर उन्हें आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि अमृत काल में समृद्ध भविष्य की ओर ले जाने में सक्षम जिम्मेदार और मूल्यों से प्रेरित नागरिक तैयार होंगे। उपराष्ट्रपति ने बच्चों से बड़ों का आदर, संस्कृति के प्रति प्रेम, सामूहिक भावना और आत्म-अनुशासन जैसे मूल्यों को अपनाने का आग्रह किया।
News On AIR | अप्रैल 18, 2026 8:29 अपराह्न | Vice President
उपराष्ट्रपति: परंपरा और आधुनिकता में संतुलन से सशक्त बनेगा भविष्य