मध्यस्थों का कहना है कि अमरीका और ईरान खाड़ी संघर्ष को समाप्त करने वाले प्रारंभिक समझौते के करीब हैं। वार्ता से परिचित सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्ष एक पृष्ठ के 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन पर काम कर रहे हैं। प्रस्तावित समझौते में ईरान द्वारा परमाणु संवर्धन रोकने की सहमति शामिल है, जबकि अमरीका प्रतिबंधों में ढील देगा और अरबों डॉलर के फ्रीज किए हुए ईरानी कोष को जारी करेगा। दोनों पक्षों द्वारा होर्मुज जल-डमरू-मध्य से आवागमन पर लगे प्रतिबंधों में भी ढील दिए जाने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि इसके बाद एक व्यापक समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 30 दिनों की वार्ता अवधि होगी, इस दौरान समुद्री प्रतिबंधों और क्षेत्र में अमरीकी नौसेना की उपस्थिति को धीरे-धीरे कम किया जाएगा।
यह बदलाव राष्ट्रपति डानल्ड ट्रम्प द्वारा वार्ता में “महान प्रगति” का हवाला देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में अमरीकी नेतृत्व वाले नौसैनिक सुरक्षा मिशन, प्रोजेक्ट फ्रीडम को स्थगित करने की घोषणा के बाद आया है। तीन दिन पहले शुरू किया गया यह अभियान सामान्य समुद्री परिवहन गतिविधियों को बहाल करने में विफल रहा और इसके बजाय ईरान ने नये हमले शुरू कर दिए। पेंटागन का कहना है कि ईरान ने संघर्षविराम के बाद से अमरीकी सैन्य और वाणिज्यिक जहाजों को 19 बार निशाना बनाया है।
नये घटनाक्रम में एक फ्रांस की शिपिंग कंपनी ने बताया कि उसके कंटेनर जहाज, सीएमए सीजीएम सैन एंटोनियो, पर एक दिन पहले यूएई के जलक्षेत्र के पास एक जमीन-आधारित क्रूज मिसाइल से हमला किया गया था, जिसमें घायल फिलिपिनो चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों से पता चलता है कि फुजैराह बंदरगाह लगभग टैंकरों से खाली है और ईरान ने जलडमरूमध्य में नए संप्रभु पारगमन परमिट नियमों को लागू किया है। यह सक्रिय कूटनीति और निरंतर समुद्री शत्रुता के बीच के अंतर को दर्शाता है।