सर्वोच्च न्यायालय ने देश के विभिन्न न्यायाधिकरणों के अध्यक्षों और सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाने संबंधी केंद्र सरकार के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके अंतर्गत शीघ्र सेवानिवृत्त होने वाले अध्यक्षों और सदस्यों का कार्यकाल इस वर्ष 8 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरामानी ने कहा कि केंद्र सरकार न्यायाधिकरणों के कामकाज और सदस्यों की नियुक्ति से संबंधित एक नया विधेयक संसद के मौजूदा बजट सत्र या मानसून सत्र में लाने पर विचार कर रही है।
शीर्ष न्यायालय ने पिछले वर्ष नवंबर में न्यायाधिकरण सुधार अधिनियम, 2021 के न्यायाधिकरण सदस्यों की नियुक्ति और कार्यकाल संबंधी प्रावधानों को इस मुद्दे पर अपने पूर्व निर्णयों का उल्लंघन करने के कारण रद्द कर दिया था। श्री वेंकटरामानी ने कहा कि नया विधेयक पिछले वर्ष के फैसले के अनुरूप होगा और विभिन्न न्यायाधिकरणों के कामकाज और सदस्यों की नियुक्ति को सुगम बनाएगा।
News On AIR | मार्च 9, 2026 9:01 अपराह्न | Supreme Court
न्यायाधिकरणों के अध्यक्ष और सदस्यों के कार्यकाल विस्तार को सुप्रीम कोर्ट की अनुमति