सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को अरुणाचल प्रदेश सरकार द्वारा सार्वजनिक ठेकों के आवंटन में कथित अनियमितताओं की प्रारंभिक जांच का निर्देश दिया है। इनमें मुख्यमंत्री पेमा खांडू और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। न्यायालय ने सीबीआई को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 16 सप्ताह का समय दिया है। इस रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि पूर्ण स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है या नहीं।
जांच में जनवरी 2015 से दिसंबर 2025 के बीच दिए गए ठेकों को शामिल किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर सीबीआई इस अवधि के बाहर के ठेकों की भी जांच कर सकती है। न्यायालय ने राज्य और उसके संबंधित विभागों को सीबीआई के साथ सहयोग करने और चार सप्ताह के भीतर सभी प्रासंगिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी रिकॉर्ड नष्ट न हो।
इसके अलावा, मुख्य सचिव एक सप्ताह के भीतर सीबीआई के साथ समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी, माता और भतीजे से जुड़ी फर्मों को ठेके और निविदाएं दी गईं। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों को एक हजार 270 करोड़ रुपये के ठेके अवैध रूप से आवंटित किए गए।