प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि समग्र स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए देश में लगभग 12 हजार आयुष स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। केरल में आर्य वैद्यशाला चैरिटेबल अस्पताल के शताब्दी समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि एक सौ 25 वर्षों की अपनी यात्रा में इस संस्थान ने उपचार की एक सशक्त प्रणाली के रूप में आयुर्वेद को स्थापित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैद्य अस्पताल उपचार के जरिए अपनी सेवाएं दे रहा है और अपनी स्थापना के बाद से लगातार लोगों को उनकी बीमारियों का इलाज कर रहा है। श्री मोदी ने आर्य वैद्यशाला के संस्थापक वैद्यरत्नम पी एस वेरियर के योगदानों को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के लिए उनका दृष्टिकोण और लोगों के कल्याण के प्रति उनका समर्पण नागरिकों को प्रेरित करते रहेंगे। श्री मोदी ने आरोग्य में आयुर्वेद की भूमिका और योगदान की सराहना की।
आयुर्वेद में दीर्घकालिक उपचार पद्धति का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि यह पीढि़यों से पीढि़यों तक लोगों का उपचार कर रहा है। यह सदा ही लाभकारी रहा है। आयुष आधारित मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के लिए एक विश्वसनीय गंतव्य के रूप में भारत के उत्थान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद और परंपरागत औषधि में बेहतर सुविधाएं प्राप्त करने के लिए आयुष वीजा विदेशी यात्रियों के लिए मददगार साबित हो रहा है। श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने विश्व में भारतीय परंपरागत आरोग्य को बढ़ावा देने के लिए आयुष निर्यात संवर्धन परिषद की स्थापना की है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के आयुष और हरबल उत्पादों का निर्यात 2014 के तीन हजार करोड़ रुपए से बढ़कर छह हजार पांच सौ करोड़ रुपए हो गया है।
भारत-यूरोपीय व्यापार समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए श्री मोदी ने कहा कि यह व्यापार समझौता भारतीय परंपरागत चिकित्सा सेवाओं और वैद्यों को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश में आयुर्वेद और योग से जुड़े युवाओं को समर्थन भी देगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता यूरोपीय संघ में आयुष आरोग्य केंद्र स्थापित करने में मददगार होगा।