उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने हाल ही में निर्मित युद्धपोत से नए मिसाइल परीक्षणों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वे अपने देश के परमाणु हथियारों का विस्तार जारी रखेंगे।
इन परीक्षणों में क्रूज मिसाइलें और जहाज-रोधी मिसाइलें शामिल थीं। मिसाइलें लंबे समय तक हवा में रहीं और अपने लक्ष्यों पर सटीक निशाना साधा। किम ने चोए ह्योन के विकास को अपनी सेना की परिचालन क्षमता और पूर्वव्यापी हमले की क्षमताओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
किम ने वर्ष 2019 में डोनाल्ड ट्रम्प के साथ असफल वार्ता के बाद से वाशिंगटन के साथ बातचीत बंद कर दी है। तब से उन्होंने सख्त रुख अपना लिया है। उन्होंने दक्षिण कोरिया को अपना सबसे बड़ा शत्रु राष्ट्र बताया है और कहा कि जब तक अमरीका अपना रवैया नहीं बदलता, वे बातचीत शुरू नहीं करेंगे। वहीं दूसरी ओर, हाल के वर्षों में रूस किम की विदेश नीति की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उत्तर कोरिया ने यूक्रेन पर रूस के हमले का समर्थन करने के लिए हजारों सैनिक और हथियारों की बड़ी खेप भेजी है।