संचार मंत्रालय ने आज नई दिल्ली में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौता ज्ञापनों का उद्देश्य गलत सूचना का निराकरण करके ग्रामीण नागरिकों और किसानों को लाभ और बैकिेंग सेवाएं प्रदान करना है।
इस अवसर पर संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि डाक विभाग और कृषि तथा किसान कल्याण मंत्रालय के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन लंबे समय से जारी नकली कीटनाशकों के मुद्दे का समाधान करेगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते के अंतर्गत प्रत्येक कीटनाशक के नमूने में एक क्यूआर कोड होगा। उन्होंने कहा कि पहले की दस से 15 दिन की प्रक्रिया के स्थान पर अब नमूने परीक्षण प्रयोगशालाओं में दो से तीन दिनों में पहुंचेंगे।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन को लेकर श्री सिंधिया ने कहा कि यह समझौता भारत पोस्ट पेमेंट बैंक के साथ एकीकरण के जरिए स्व-सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 12 करोड़ महिलाओं सहित ग्रामीण लोगों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करता है। उन्होंने कहा कि इस समझौता ज्ञापन के व्यापक प्रशिक्षण के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट, नकदी अंतरण, बिक्री केन्द्र मशीनें और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास देश की अर्थव्यवस्था के आधार हैं। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी बैंकिंग सेवा पहुंच के साथ ग्रामीण लोगों और महिलाओं के लिए अतिरिक्त आजीविका का अवसर प्रदान करेगी। श्री सिंह ने कहा कि ग्रामीण वित्तीय सेवाओं के साथ डाक नेटवर्क के एकीकरण के जरिए इस पहल से लाभार्थियों की मासिक आय में 15 से तीस हजार रुपए की वृद्धि होने की आशा है।
दोनों मंत्रियों ने कहा कि ये अंतर-मंत्रालयी पहल संचार, कृषि ग्रामीण विकास मंत्रालयों सहित समग्र सरकारी दृष्टिकोण को दर्शाती है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और व्यापक ग्रामीण विकास के दृष्टिकोण में सहायक होगी।