अप्रैल 25, 2026 1:14 अपराह्न

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बढ़ती गर्मी और लू के बीच मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने सतर्क रहने की सलाह दी

राष्ट्रीय राजधानी में लू की स्थिति के बीच, डॉक्टरों ने लू लगने के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता व्‍यक्‍त की है। यह एक जानलेवा स्थिति है, इसमें शरीर का तापमान 105 डिग्री से ऊपर होना, मानसिक स्थिति में बदलाव आना है। मौसम विभाग ने आज दिल्ली में लू की स्थिति के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। भीषण गर्मी को देखते हुए डॉक्टरों ने शुरुआती सावधानियां बरतने का आग्रह किया है।
 
आकाशवाणी समाचार से विशेष बातचीत में दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के निदेशक डॉ. एल. श्याम सिंह ने कहा कि लू एक धीमी गति से बढ़ने वाली, लेकिन संभावित रूप से जानलेवा स्थिति है, जो लंबे समय तक उच्च तापमान के संपर्क में रहने और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के कारण होती है। उन्होंने बताया कि यह स्थिति तुरंत नहीं होती, बल्कि धीरे-धीरे विकसित होती है। इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार जैसा महसूस होना, शरीर का तापमान बढ़ना, चक्कर आना और बेचैनी शामिल हैं। यदि इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ किया जाए, तो ये बेहोशी जैसी गंभीर जटिलताओं में बदल सकते हैं। उन्होंने समझाया कि जैसे-जैसे शरीर में पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन महत्वपूर्ण अंगों के कामकाज को प्रभावित करना शुरू करता है, यह स्थिति और भी बिगड़ जाती है। उन्होंने सलाह दी कि वे शुरुआती चेतावनी संकेतों को पहचानें और तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखें। दिन में सबसे तेज़ धूप वाले समय में बाहर निकलने से बचें, बाहर काम करते समय बीच-बीच में आराम करें, और हल्के और हवादार कपड़े पहनें।
 
दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मेडिसिन के प्रोफेसर और हीट स्ट्रोक यूनिट के प्रमुख डॉ. अजय चौहान ने लोगों को सलाह दी कि जब तक बहुत ज़रूरी न हो, तब तक बाहर न निकलें। हल्के सूती कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें, और नमक मिले पानी का सेवन करके शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखें; साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि बीच-बीच में छायादार जगहों पर जाकर आराम करना भी बेहद ज़रूरी है।
 
अस्पताल की तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने बताया कि अस्पताल में तापमान को तेज़ी से कम करने के लिए उन्नत कूलिंग सिस्टम मौजूद हैं, जिनमें ‘इमर्शन कूलिंग टब’ (पानी में डुबोकर ठंडा करने वाले टब) और ‘सरफेस कूलिंग’ (सतह को ठंडा करने की तकनीक) शामिल हैं।