अप्रैल 21, 2026 12:54 अपराह्न

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सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 860 रुपये शुल्क पर 7 लाख ऋण देने के फर्जी स्वीकृति पत्र का किया खंडन

सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 860 रुपये के अनुबंध शुल्क पर 7 लाख रुपये का ऋण देने का दावा करने वाले फर्जी स्वीकृति पत्र का खंडन किया है। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की तथ्‍य जांच ईकाई ने इस पत्र को फर्जी बताया है। कार्यालय ने स्पष्ट किया कि सूक्ष्म इकाई विकास और पुनर्वित्त एजेंसी (मुद्रा) सूक्ष्म उद्यमियों या व्यक्तियों को सीधे ऋण नहीं देती है।

कार्यालय ने बताया कि मुद्रा अंतिम छोर के वित्तदाताओं को पुनर्वित्त सहायता प्रदान करती है, जिनमें गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, सूक्ष्म वित्त संस्थान, समितियां, ट्रस्ट, धारा 8 कंपनियां, लघु वित्त बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शामिल हैं। ये वित्तदाता बदले में विनिर्माण, व्यापार, सेवाओं और कृषि से संबंधित गतिविधियों में लगे सूक्ष्म और लघु व्यवसायों को ऋण प्रदान करते हैं।