शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कल मेटा, गूगल और टेलीग्राम सहित प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित गलत सूचनाओं के बढ़ते प्रसार पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। यह बैठक 21 जून को होने वाली नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि कई ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट है जो परीक्षाओं से पहले अत्यधिक सक्रिय हो जाते हैं तथा फर्जी पेपर लीक के दावे, क्लिकबेट सामग्री और अपुष्ट जानकारी फैलाते हैं। इससे छात्रों और अभिभावकों में चिंता और भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
एक अन्य बैठक में, शिक्षा मंत्री ने आगामी नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के सुरक्षित, निष्पक्ष और सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया। श्री प्रधान ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को शिक्षा मंत्रालय, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि गलत सूचनाओं पर तेजी से अंकुश लगाया जा सके और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहे।