उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि सर दीनबंधु छोटूराम ने अपना संपूर्ण जीवन किसानों और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया और उन्होंने सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति हरियाणा के सोनीपत स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं और न्यायसंगत भूमि व्यवस्था के संबंध में दीनबंधु छोटूराम के प्रयासों ने एक मजबूत कृषि ढांचे की नींव रखी, जिससे हरियाणा एक समृद्ध कृषि प्रधान राज्य के रूप में उभरा और राष्ट्र की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने दीक्षांत समारोह में महिला सशक्तिकरण की सराहना की। उन्होंने बताया कि स्वर्ण पदक विजेताओं में 64 प्रतिशत से अधिक और स्नातक बैच में लगभग 50 प्रतिशत से अधिक छात्राएं शामिल थीं, जो ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पहल का सकारात्मक प्रभाव है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने इसे नवाचार, आत्मविश्वास और स्वदेशी समाधानों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और हरित प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों पर चर्चा करते हुए उन्होंने छात्रों से इन क्षेत्रों को जिम्मेदारी से अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया।
उपराष्ट्रपति ने नशीली दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं से स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की।