आज विश्व रेडियो दिवस मनाया जा रहा है। यह दिवस हर वर्ष 13 फरवरी को 1946 में संयुक्त राष्ट्र रेडियो की स्थापना की स्मृति में मनाया जाता है। इस वर्ष का विषय है- “रेडियो और कृत्रिम बुद्धिमत्ता: एआई एक उपकरण है, आवाज़ नहीं।” विश्व रेडियो दिवस 2026 के अवसर पर आकाशवाणी रायपुर, छत्तीसगढ़, यूनेस्को के सहयोग से आज एक विश्व रेडियो दिवस संगोष्ठी आयोजित कर रहा है।
यह संगोष्ठी इस वर्ष की आधिकारिक थीम पर केंद्रित है और इसमें इस बात पर विचार-विमर्श किया जाएगा कि किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता रेडियो प्रसारण में मानवीय आवाज़ को केंद्र में बनाए रखते हुए सामग्री निर्माण, श्रोता सहभागिता और पहुंच को मजबूत कर सकती है।
यह थीम प्रसारण व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करती है। यह दर्शाती है कि एआई के जरिए सामग्री निर्माण, अभिलेखीकरण, अनुवाद, श्रोताओं की भागीदारी और पहुंच को बेहतर बनाकर रेडियो को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाया जा सकता है। साथ ही, थीम के जरिए यह भी संदेश दिया गया है कि तकनीक मात्र सहायक माध्यम है, वह मानवीय आवाज़ का स्थान नहीं ले सकती। संपादकीय विवेक और विश्वसनीयता ही रेडियो की असली पहचान हैं।
इस अवसर पर, प्रसार भारती और यूनेस्को के संयुक्त तत्वावधान में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साईं मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे।
कार्यक्रम में आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव जैन, यूनेस्को के संचार तथा सूचना क्षेत्र के क्षेत्रीय सलाहकार हज्जाज माले और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ तथा पद्म श्री पुरस्कार विजेता भाग लेंगे।