संसदीय और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आज कर्नाटक के उत्तरी कनारा जिले के मुंडगोड तिब्बती शिविर में आयोजित बौद्ध सम्मेलन को संबोधित किया। तिब्बत के आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर श्री रिजिजू ने कहा कि जब विश्व अशांति और संघर्ष का सामना कर रहा है तब दलाई लामा द्वारा दिखाए गए अहिंसा और करुणा के मार्ग का महत्व अधिक बढ़ जाता है। श्री दलाई लामा को प्राचीन भारतीय ज्ञान का भंडार बताते हुए उन्होंने कहा कि वह प्राचीन ज्ञान और आधुनिक दुनिया के बीच एक सेतु हैं। उन्होंने भारत में तिब्बती समुदाय को सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
उत्तर कन्नड़ से सांसद विश्वेश्वरैया हेगड़े कागेरी ने दलाई लामा को एक महान संत बताया जो विश्व भर में शांति और सद्भाव का संदेश पहुंचा रहे हैं। उन्होंने विश्व भर में भारतीय आध्यात्मिक विचारों के प्रसार के लिए दलाई लामा को धन्यवाद दिया।