मार्च 21, 2026 6:04 अपराह्न

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कुशल कार्यबल से भारत अपने आर्थिक भविष्य के साथ वैश्विक योगदान भी कर रहा: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि कुशल कार्यबल को सशक्त बनाकर भारत न केवल अपने आर्थिक भविष्य का निर्माण कर रहा है, बल्कि विश्व में भी योगदान दे रहा है। मुंबई में रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने इस अवसर को कुशल मानव संसाधनों का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में भारत की यात्रा में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत 2047 की परिकल्‍पना में योगदान देने का आग्रह किया। उपराष्‍ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि डिग्री से रोजगार मिलना चाहिए। उन्‍होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों की जानकारी रखने और सॉफ्ट स्किल्स विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन महाराष्ट्र के राज्यपाल भी रह चुके हैं और उपराष्ट्रपति का कार्यभार संभालने के बाद पहली बार महाराष्‍ट्र की यात्रा पर आए हैं।

इस अवसर पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने भी सभा को संबोधित किया और कौशल विकास, नवाचार और आजीवन सीखने के महत्व पर बल दिया।

उपराष्ट्रपति ने मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए और युवाओं को कौशल प्रदान करने में योगदान देने वाले तीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर “Say No to Drugs”  अभियान भी शुरू किया गया।