विदेश मंत्री सुब्रहमण्यम जयशंकर ने आतंकवाद पर भारत का समर्थन नहीं करने पर पश्चिमी देशों पर सवाल उठाया है। डॉ जयशंकर ने आतंकवाद से निपटने में अधिक एकीकृत वैश्विक सहयोग की जरूरत पर बल दिया। अमरीका के वाशिंगटन में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए डॉ० जयशंकर ने कहा कि यह सच्चाई है कि अक्सर देश जब तक खुद आतंकवाद का शिकार नहीं होते तब तक वे इससे पीड़ित देशों के लिए आवाज नहीं उठाते। उन्होंने कहा कि भारत का इस संदर्भ में रूख अधिक दृढ़ और सिद्धांतवादी रहा है।
डॉ० जयशंकर ने कहा कि जब किसी अन्य देश में आतंकी हमले हुए हैं, तब भारत ने मुख्य रूप से वही रूख अपनाया है जो भारत में ऐसे हमले होने पर अपनाता है।
भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम पर अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बयान पर डॉ० जयशंकर ने कहा कि उस समय जो हुआ उसका रिकार्ड बिलकुल स्पष्ट है और इस युद्धविराम को लेकर दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों के बीच वार्ता हुई थी।