पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में हाल ही में हुई हिंसा और अ-शांति की घटनाओं को देखते हुए, चुनाव आयोग ने पुलिस प्रशासन पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है। अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सभी स्तरों के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से मिले निर्देशों के अनुसार, सभी गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंटों का अनुपालन किया जाना है, और भगोड़े अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।
आयोग ने संभावित उपद्रवियों, पेशेवर अपराधियों और चुनावी हिंसा से जुड़े व्यक्तियों की पहचान करने का भी आदेश दिया है, साथ ही उनके खिलाफ पहले से ही निवारक उपाय किए जाने हैं। जिला और उप-मंडल स्तर के अधिकारियों को सूचना-साझाकरण को मज़बूत करने के लिए नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव ड्यूटी में लगे सभी अधिकारी सीधे तौर पर उनके प्रति जवाबदेह हैं। किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितताओं पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने दोहराया है कि स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने में किसी भी तरह की ढ़िलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।