पश्चिम बंगाल पुलिस ने मालदा जिले में सात न्यायिक अधिकारियों के घेराव के मुख्य साजिश रचने वाले सहित दो लोगों को सिलीगुड़ी के बागडोगरा हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया।
आरोपी की पहचान अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम के रूप में हुई है, जिसे विमान में चढ़ने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किया गया।
पत्रकारों से बात करते हुए अपर महानिदेशक के. जयरामन ने बताया कि मोफक्करुल इस्लाम उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार का रहने वाला है और वर्तमान में कोलकाता में रह रहा है।
उन्होंने बताया कि बुधवार को भाषणों के माध्यम से स्थानीय लोगों को कथित तौर पर “भड़काने” के आरोप में कालियाचक पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए हैं, जिसके बाद मोथाबारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कालियाचक-2 ब्लॉक कार्यालय में सात न्यायिक अधिकारियों का घेराव किया गया था।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय अन्वेक्षण अभिकरण द्वारा जांच अपने हाथ में लेने के बावजूद, पश्चिम बंगाल पुलिस यह पता लगाने के लिए अपनी जांच जारी रखेगी कि क्या यह घटना “पूर्व नियोजित” थी और इसमें क्या और भी लोग शामिल थे।
उन्होंने बताया कि इस गिरफ्तारी के साथ, पुलिस ने घटना में कथित संलिप्तता के आरोप में इंडियन सेक्यूलर फ्रंट-आईएसएफ उम्मीदवार समेत अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया है।
सर्वोच्च न्यायालय ने मालदा घटना को न्याय प्रशासन में बाधा डालने का जानबूझकर किया गया प्रयास बताया है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायामूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने चिंता व्यक्त की कि पूर्व सूचना के बावजूद, राज्य अधिकारियों ने तुरंत सुरक्षा प्रदान नहीं की, जिससे अधिकारियों को घंटों तक भोजन और पानी के बिना रहना पड़ा।
न्यायालय ने मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ राज्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर निष्क्रियता का स्पष्टीकरण मांगा है।
न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा तथा मतदादा सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण- एसआईआर प्रक्रिया के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त केंद्रीय बलों की मांग और तैनाती का निर्देश दिया।