पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने अमरीका पर गुप्त रूप से जमीनी सैन्य कार्रवाई की योजना बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर अमरीकी सैनिक ईरान में प्रवेश करते हैं, तो ईरानी सेना जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने राष्ट्रीय एकता का आह्वान करते हुए कहा कि संघर्ष अब अत्यंत नाजुक स्थिति में पहुंच गया है।
अमरीकी केंद्रीय कमान, सेंटकॉम के अनुसार 3,500 मरीन और नौसैनिकों के साथ अमरीकी युद्धपोत यूएसएस ट्रिपोली पश्चिम एशिया पहुंच गया है। इसी बीच, अमरीकी केंद्रीय कमान के प्रमुख, एडमिरल ब्रैड कूपर ने इज़राइल के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर ईरान के साथ जारी संघर्ष और तेहरान के हथियार उत्पादन को सीमित करने के प्रयासों पर चर्चा की। उधर, इज़राइली सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि अगले कुछ दिनों में ईरान के सैन्य उत्पादन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले पूरे कर लिए जाएंगे।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ईरानी विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाकर किए गए अमरीकी-इज़राइली हमलों की कड़ी निंदा की है। वही, कूटनीतिक प्रयासों के तहत, सऊदी अरब, मिस्र, तुर्की और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने इस्लामाबाद में बैठक कर तनाव कम करने और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
अमरीका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों से शुरू हुए इस युद्ध में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब-तक 3 हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इनमें से 1900 से अधिक ईरान में, 19 इज़राइल में, 1100 लेबनान में, 80 इराक में और 20 लोग खाड़ी देशों में मारे गए हैं।