पश्चिम एशिया में संघर्ष पच्चीसवें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस संघर्ष को लेकर पिछले कुछ घंटों में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। ये घटनाक्रम सैन्य तनाव बढ़ने और अस्थायी राजनयिक संकेतों के बीच नाजुक संतुलन को दर्शाते हैं। ईरान द्वारा आज सुबह मिसाइलों की एक और बौछार के बाद इस्राएल हाई अलर्ट पर है।
खबर है कि कम से कम एक मिसाइल का गोला मध्य तेल अवीव के एक रिहायशी इलाके में गिरा। इससे कई लोग हताहत हुए और इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं। जवाबी कार्रवाई में इस्राएल की सेना ने तेहरान और ईरान भर में अन्य स्थानों पर लगभग पचास ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए हैं।
इस्राएल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने दक्षिणी लेबनान में लिटानी नदी तक सैन्य नियंत्रण बढ़ाने की योजना की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि विस्थापित निवासियों को तब तक वापस लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक उत्तरी इस्राएल सुरक्षित नहीं हो जाता।
ईरान में अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में हुए हवाई हमले में अली लारीजानी की मृत्यु के बाद सरकार ने पूर्व क्रांतिकारी गार्ड कमांडर मोहम्मद बगेर ज़ोलघाद्र को सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का प्रमुख नियुक्त किया है। ईरान के अधिकारियों ने डॉनल्ड ट्रम्प की चल रही वार्ताओं के दावों को “फर्जी खबर” बताकर खारिज कर दिया है।
अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि ये वैश्विक तेल बाजारों को प्रभावित करने के प्रयास हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर-आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि अमरीका और इस्राएल के अभियानों का समर्थन करने वाले किसी भी क्षेत्रीय संगठन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी। आईआरजीसी ने लगातार बमबारी के बावजूद अपनी मिसाइल क्षमताओं को बरकरार रखने पर जोर दिया है।
संयुक्त अरब अमीरात का कहना है कि हमलों की ताज़ा लहर में उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने पांच बैलिस्टिक मिसाइलों और सत्रह ड्रोन को मार गिराया। इससे संघर्ष की शुरुआत से लेकर अब तक कुल गिराए गए ड्रोनों की संख्या 1 हजार 800 से अधिक और मिसाइलों की संख्या 350 हो गई है।