पश्चिम बंगाल, असम, केरलम, तमिलनाडु और पुद्दुचेरी में विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है। मतगणना के रूझानों से भविष्य की राजनीति की दिशा तय होने के संकेत मिल रहे हैं। असम और पुद्दुचेरी में एनडीए की सत्ता बरकरार रहने के संकेत हैं। जबकि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है।
स्वतंत्रता के बाद पहली बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। तृणमूल कांग्रेस को 15 साल सत्ता में रहने के बाद इन चुनावों में हार का सामना करना पड़ रहा है। राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव हुए हैं।
राज्य की 294 सीटों के लिए इस महीने की 23 और 29 तारीख को दो चरणों में मतदान हुआ था। सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को 148 सीटों के जादुई आंकडे़ की आवश्यकता होगी।
विधानसभा की 294 सीटों में से 292 के रूझान मिल गए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने निर्णायक बढ़त बना ली है और वह 194 सीटों पर आगे चल रही है और एक सीट जीत ली है। तृणमूल कांग्रेस 91 सीटों पर आगे चल रही है और उसने एक सीट जीत ली है। भारतीय कांग्रेस पार्टी और ए.जे.यू.पी दो-दो सीटों पर आगे हैं। और मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी तथा ए.आई.एस.एफ को एक-एक सीट पर बढ़त प्राप्त है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर सीट पर आगे हैं जबकि भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेन्दु अधिकारी नंदीग्राम से आगे हैं।
भाजपा के अग्निमित्रा पाल आसनसोल दक्षिण सीट पर टीएमसी के तापस बनर्जी से आगे चल रहे हैं। दक्षिण कोलकाता में जादवपुर सीट पर भाजपा की उम्मीदवार सरबारी मुखर्जी टीएमसी उम्मीदवार से आगे हैं। आम जनता उन्नयन पार्टी – एजेयूपी के अध्यक्ष हुमांऊ कबीर नवादा सीट पर टीएमसी उम्मीदवार पर बढ़त बनाए हुए हैं।
पश्चिम बंगाल में दो चरणों के मतदान में 92.74 प्रतिशत वोट पडे़ थे जो स्वतंत्रता के बाद का सबसे अधिक मतदान था। दो मई को मगरहाट पश्चिम के 11 बूथों और डायमंड हार्बर में चार विधानसभा सेगमेंट में फिर से मतदान कराया गया था। निर्वाचन आयोग ने फलता निर्वाचन क्षेत्र में बडी संख्या में मतदान केन्द्रों पर चुनाव संबंधी अपराधों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में रुकावट डालने को लेकर फिर से मतदान कराने का आदेश दिए है यहां इस महीने की 21 तारीख को फिर से वोट पडेगें और उसकी गिनती 24 मई को होगी।