नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने आज नई दिल्ली में वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के लिए ट्रेड वॉच त्रैमासिक के छठे संस्करण को जारी किया। इस संस्करण में भारत के इलेक्ट्रॉनिकी व्यापार पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह क्षेत्र देश के विनिर्माण और निर्यात परिवर्तन के मुख्य प्रेरक के रूप में उभरकर सामने आया है। विश्लेषण में कहा गया है कि भारत से निर्यात होने वाली अग्रणी वस्तुओं में अब इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान हैं। इन्हें मोबाइल फोन के बढ़ते निर्यात, बढ़ती वैश्विक मांग और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक मूल्य श्रृंखलाओं की बढ़ती भागीदारी, संचार उपकरण और कलपुर्जों का समर्थन मिल रहा है। इस प्रकाशन में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि देश ने असेंबली और सिस्टम एकीकरण में व्यापक स्तर हासिल कर लिया है, फिर भी अगले चरण में घरेलू स्तर पर घटक निर्माण को और अधिक बढ़ावा देने और मूल्यवर्धन करने की आवश्यकता होगी।
इस अवसर पर श्री बेरी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स आधुनिक विनिर्माण मूल्य श्रृंखलाओं के संगठनात्मक आधार के रूप में, सेमीकंडक्टर और घटकों के साथ व्यापार संतुलन और तकनीकी संप्रभुता को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इलेक्ट्रॉनिक्स में निरंतर प्रतिस्पर्धात्मकता संरचनात्मक लागत संबंधी चुनौतियों को दूर करने, घटक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और भारतीय कंपनियों को वैश्विक उत्पादन नेटवर्क में अधिक मजबूती से स्थापित करने पर निर्भर करेगी।
यह संस्करण वैश्विक और घरेलू व्यापार रुझानों का आंकड़ों पर आधारित मूल्यांकन प्रस्तुत करता है और नीति निर्माताओं, उद्योग और शोधकर्ताओं को गतिशील वैश्विक परिदृश्य में देश की व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने के लिए नीतिगत अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। इसमें लक्षित नीतिगत समर्थन का उल्लेख किया गया है। इसमें घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार लाने के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना के तहत केंद्रीय बजट आवंटन शामिल है।