अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान संघर्ष से जुड़े मौजूदा संघर्ष विराम की प्रभावशीलता पर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल प्रवाह के संबंध में सहमत शर्तों का पालन नहीं कर रहा है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान तेल शिपमेंट की अनुमति देने में “बहुत गलत” काम कर रहा है। उन्होंने तेहरान द्वारा इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने वाले टैंकरों पर शुल्क लगाने की खबरों के खिलाफ चेतावनी दी।
व्हाइट हाउस ने संघर्ष विराम समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के अपने समर्थन को दोहराया है और ईरान की सेना द्वारा अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर टोल लगाने के किसी भी प्रयास का विरोध किया है।
इस बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ सीधी बातचीत को मंजूरी दे दी है।
इन वार्ताओं का उद्देश्य ईरान समर्थित हिजबुल्लाह को निरस्त्र करना और दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की संभावनाओं को तलाशना है। हालांकि श्री नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इस्राएल और लेबनान के बीच कोई संघर्ष विराम नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्राएल की सेना उत्तरी इस्राएल में सुरक्षा बहाल होने तक हिजबुल्लाह के खिलाफ अभियान जारी रखेगी।
खबरों के अनुसार प्रस्तावित वार्ता अगले सप्ताह वाशिंगटन में होने की उम्मीद है। चर्चा में दोनों पक्षों के वरिष्ठ राजनयिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है, हालांकि लेबनान ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ईरान संघर्ष में कई हफ्तों से चल रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों पर रोक लगाने वाला संघर्ष विराम अभी भी नाजुक स्थिति में है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण, उसके समृद्ध यूरेनियम भंडार और उसकी क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों को लेकर तनाव बना हुआ है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा कि संघर्ष विराम स्वीकार करने का निर्णय देश के नेतृत्व द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया है। इसे सर्वोच्च नेता ने स्वीकृति दी है। उन्होंने इस कदम को कमजोरी के संकेत के बजाए एक रणनीतिक कदम बताया। लगातार मतभेदों के बावजूद युद्धविराम लागू होने के बाद से ईरान, अमरीका या इस्राएल से जुड़े किसी भी मिसाइल हमले या सैन्य कार्रवाई की कोई नई खबर नहीं आई है।