फ़रवरी 28, 2026 5:28 अपराह्न | US and Israel launch attack on Iran

printer

इज़राइल–अमरीका का ईरान पर बड़ा हमला; इजराइल ने देश में आपातकाल की घोषणा की

 
इज़राइल और अमरीका ने आज ईरान पर हमले किए। इससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है।  
 
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए आठ मिनट के वीडियो में पुष्टि की कि अमरीका ने ईरान में सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि अमरीका की सेना मौजूदा ईरानी शासन को अमरीका और उसके राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के लिए खतरा बनने से रोकने के लिए एक व्यापक और निरंतर अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि इस हमले का उद्देश्य ईरानी शासन से उत्पन्न होने वाले खतरों को समाप्त करके अमरीका की जनता की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि ईरान की खतरनाक गतिविधियां सीधे तौर पर अमरीका, उसके सैनिकों, विदेशों में स्थित ठिकानों और विश्‍व के सहयोगियों के लिए खतरा हैं।इज़राइल के प्रधानमंत्री बेन्‍यामिन नेतन्‍याहू ने भी पुष्टि की है कि इस्राएल और अमरीका ने ईरान के विरूद्ध ऑपरेशन लायंस रोअर नामक एक संयुक्‍त सैन्‍य अभियान चलाया है। राष्‍ट्र को संबोधित करते हुए एक वीडियो संदेश में इस्राएल के प्रधानमंत्री ने इस कार्रवाई को ईरानी शासन से उत्‍पन्‍न अस्तित्‍व के खतरे को टालने के लिए आवश्‍यक बताया है।  
 
इज़राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने कहा है कि उनके देश ने ईरान के खिलाफ पूर्व-नियोजित हमला शुरू कर दिया है और उन्होंने पूरे देश में आपातकाल की घोषणा भी कर दी है। इससे पहले, इज़राइल की सेना ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि वह पश्चिमी ईरान के ईरानी शासन से जुड़े कई सैन्‍य ठिकानों पर व्‍यापक हमले कर रही है। राजधानी तेहरान सहित ईरान के कई शहरों में विस्फोटों की खबर है। ये हमले संभावित परमाणु समझौते को लेकर अमरीका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में व्यापक सैन्य टकराव की बढ़ती आशंकाओं के बीच हुए हैं।
 
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेहरान के डाउनटाउन में विस्फोट हुआ और आसमान में घना धुआं उठता देखा गया। तेहरान में कथित हमला सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के पास हुआ। हमले के बाद ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है और मोबाइल फोन सेवाएं बाधित हो गई हैं। ईरान की राजधानी में कई विस्फोटों की सूचना मिलने के बाद पायलटों को चेतावनी भी जारी की गई। कई मिसाइलें यूनिवर्सिटी स्ट्रीट और ईरानी राजधानी के जोम्हूरी जिले में गिरीं। नुकसान और हताहतों की संख्या की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। इस बीच, पड़ोसी देश ईरान पर इस्राएली हमलों के बाद इराक ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इन हमलों के जवाब में ईरान ने अबू धाबी, बहरीन और कुवैत सहित खाड़ी के कई ठिकानों पर हमले किए हैं। इस्राएल की सेना ने पुष्टि की है‍ कि ईरान ने इस्राइल पर बैलिस्टिक मिसाइल दागे हैं। इस्राएल की सेना ने एक प्रारंभिक मूल्‍यांकन में कहा कि आज सुबह से इस्राएल में ईरान ने लगभग 35 बै‍लिस्टिक मिसाइल दागे हैं। सेना का कहना है कि इनमें से कुछ मिसाइलों को हवाई रक्षा प्रण‍ालियों ने नष्‍ट कर दिया जबकि अन्‍य मिसाइलों ने खुले क्षेत्रों को प्रभावित किया है। गिरती मिसाइलों या इंटरसेप्‍टर के टुकडों से एक व्‍यक्ति मामूली रूप से घायल हुआ है।     
 
बहरीन ने पुष्टि की है कि मनामा में अमरीका की नौसना के पांचवें बेड़े के मुख्‍यालय पर मिसाइल हमला किया गया। कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश को निशाना बनाने वाली मिसाइलों को पैट्रियट डिफेंस प्रणाली द्वारा नष्‍ट कर दिया गया है। अबू धाबी में एक जोरदार विस्‍फोट होने की खबर है। कतर, कुवैत और संयुक्‍त अरब अमीरात ने अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए हैं। इससे पहले, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-आई आर जी सी ने पुष्टि की है कि उसने अमरीका और इज़राइल के हमलों के बाद इस्राएल की ओर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। उत्‍तरी इस्राएल में भी धमकों की आवाज सुनी गई है। देश ईरान से आने वाली मिसाइलों को नष्‍ट करने का प्रयास कर रहा है।      
 
इज़राइल में भी सायरन बजने लगे है। इज़राइल की सेना ने कहा कि ये चेतावनी जवाबी मिसाइल हमले की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दी गई थी। ये घटनाक्रम एक संवेदनशील कुटनीतिक समय पर हुए हैं।  ईरान के आई.आर.जी.सी. ने कहा कि आज ईरानी मिसाइल हमलों से क्षेत्र में स्थित इस्राएल और अमरीका के सभी ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
 
ईरान ने घोषणा की है कि वह अमरीका और इस्राएल को पूरी ताकत से जवाब देगा और अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर सैन्य हमले के खिलाफ आत्मरक्षा के अपने अधिकार पर जोर देगा। एक बयान में, ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमरीका-इस्राएल के संयुक्त हमलों की निंदा की और उन्हें आक्रामक कार्रवाई बताया। ईरानी सरकार ने संयुक्त राष्ट्र और उसकी सुरक्षा परिषद से भी अमरीका-इस्राएल की सैन्य कार्रवाई के परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के उल्लंघन के जवाब में तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया।
 
इस बीच, कतर के विदेश मंत्रालय ने इस्लामी गणराज्य द्वारा किए गए मिसाइल हमलों की निंदा करते हुए उन्हें अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया। मंत्रालय ने कहा कि दोहा हमलों का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है। कुवैत ने भी कहा कि वह ईरानी हमलों के बाद आत्मरक्षा का अधिकार सुरक्षित रखता है।