पोतपत्तन, परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज बंदरगाह और समुद्री क्षेत्र के हितधारकों के साथ परामर्श बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जहाजरानी मार्गों, टर्मिनल संचालकों और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया जिसमें उभरती चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में जहाजरानी मार्गों, पोत समय-सारणी और माल प्रवाह की चुनौती पर विचार विमर्श किया गया। चर्चा का मुख्य बिंदु परिचालन की निरंतरता सुनिश्चित करना, विलंब को कम करना और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती बनाए रखना था।
हितधारकों ने बदलती परिस्थितियों विशेष रूप से मध्य पूर्व के गंतव्यों और उनके लिए निर्यात-आयात माल की आवाजाही के संबंध में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के बीच देश के समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए सरकार ने त्वरित और समन्वित उपाय किए हैं।