केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, श्रम तथा रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने तिलहन, दलहन और रेशम उत्पादन में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर बल दिया है। वह आज बेंगलुरु में राष्ट्रीय रेशमकीट बीज संगठन के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित कर रही थीं।
सुश्री करंदलाजे ने किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों का आह्वान किया कि वे भारत को बीज, दलहन और रेशम उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करें ।
उन्होंने कहा कि देश ने चावल, दूध, फल और सब्जियों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त कर ली है और इसे अन्य क्षेत्रों में भी प्राप्त किया जाना चाहिए।
उन्होंने रेशमकीट बीज संगठन से रेशम किसानों और उद्यमियों को गुणवत्तापूर्ण रेशमकीट बीज, शहतूत और रेशम उत्पाद तैयार करने में मदद करने का आह्वान किया ताकि इस क्षेत्र में कार्यरत लोगों की आय दोगुनी हो सके।