पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव तथा आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने आज गुरुग्राम में मातृ वन पहल का शुभारंभ किया। यह पहल अरावली पर्वतीय क्षेत्र में सात सौ पचास एकड़ में फैला थीम-आधारित शहरी वन है।
श्री मनोहर लाल ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि कार्बन उत्सर्जन मानव जाति के लिए सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती बन गया है। उन्होंने इस चुनौती से निपटने के लिए कार्बन कैप्चर तकनीक का उपयोग करने के अलावा वनों की कटाई रोकने, अधिक से अधिक पेड़ लगाने की परंपरा को अपनाने और वन मित्र बनने के लिए नागरिकों को प्रोत्साहित किया।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि गुरुग्राम जैसे महानगरों को, हरित भवन, वन्यजीव सफारी के माध्यम से पर्यावरण-पर्यटन और थीम-आधारित जैव विविधता पार्क जैसी अग्रणी पहलों से दूसरों के लिए एक उदाहरण बनना चाहिए।
इस अवसर पर श्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि मातृ वन का हरित आवरण पूरे दिल्ली-एनसीआर के लिए हृदय और फेफड़े का काम करेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित आम जनता को स्वस्थ तथा तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए शांत वातावरण प्रदान करेगी।
मातृ वन, प्रकृति से प्रेरित हरित प्रयासों के माध्यम से पीढ़ियों के पोषण के लिए थीम आधारित शहरी वन समर्पित पहल है। इसकी परिकल्पना एक अद्वितीय पारिस्थितिक और सांस्कृतिक स्थान के रूप में की गई है जो जैव विविधता, सार्वजनिक कल्याण और शहरी संधारणीयता में योगदान के लिए है।