संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आज गाज़ा शहर पर नियंत्रण स्थापित करने और अपने सैन्य अभियानों का विस्तार करने सम्बंधी इस्रायल के निर्णय को सम्बोधित करने के लिए एक आपातकालीन बैठक बुलाई। इस्रायल के इस कदम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हुई है।
कई यूरोपीय सदस्यों के निवेदन पर आयोजित इस सत्र में बदतर होते मानवीय संकट और गाजा के बीस लाख निवासियों के लिए सम्भावित परिणामों तथा शेष बंधकों पर ध्यान केन्द्रित किया गया। इस्रायल की सुरक्षा कैबिनेट ने शुक्रवार आठ अगस्त को प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू की गाज़ा शहर को कब्जे में लेने की योजना को मंजूरी दी।
इस कारण क्षेत्र में 22 महीने के संघर्ष में वृद्धि हुई है। इस निर्णय की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी आलोचना हुई है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतेरश ने इसे एक खतरनाक तनाव बताया। इससे गाजा के नागरिकों के लिए मानवीय आपदा गहराने का जोखिम है तथा हमास और अन्य फलस्तीनी आतंकवादी गुटों द्वारा बंधक बनाए गए लोगों के जीवन को भी खतरा है।