संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेश ने नस्लवाद जैसी पुरानी बुराई से निपटने के लिए एकजुटता और ठोस कार्रवाई का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि नस्लवाद आज भी दुनिया के हर समुदाय, समाज, देश और क्षेत्र में मौजूद है।
कल मनाए गए नस्लीय भेदभाव उन्मूलन के अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर अपने संदेश में गुटेरेश ने कहा कि नस्लवाद उपनिवेशवाद, गुलामी और उत्पीड़न की विरासत में जीवित है, जो आज भी आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक असमानतों को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि भेदभावपूर्ण नीतियां और प्रथाएं, यहां तक कि कई जगहों पर संघर्ष भी नस्लवाद का ही परिणाम है।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि डिजिटल उपकरणों और प्रौद्योगिकियों के माध्यम से नफरत भरे भाषण तेजी से फैल रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि नस्लवाद का समाधान एकजुटता और ठोस कार्रवाई में है। उन्होंने सभी सरकारों, संस्थानों, व्यवसायों और समुदायों से नस्लवाद से निपटने और प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान, न्याय, समानता और मानवाधिकारों की रक्षा करने का आह्वान किया।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1966 में नस्लवाद के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और वैश्विक कार्रवाई को प्रोत्साहित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस की स्थापना की थी।