तीन नए अपराध कानून – भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 अगले महीने की एक तारीख से लागू हो जाएंगे। इन्हें पिछले साल संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान पारित किया गया था। नए अपराध कानून भारतीय नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। ये कानून प्रत्येक नागरिक को अधिक सुगम, सहयोगी और कार्यकुशल न्याय प्रणाली प्रदान करने के उद्देश्य से लाए गए हैं।
नए अपराध कानूनों के प्रमुख प्रावधानों में घटनाओं को ऑनलाइन दर्ज कराना, किसी भी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराना तथा पीडितों को प्राथमिकी की निशुल्क प्रति उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अलावा गिरफ्तारी की स्थिति में किसी व्यक्ति को यह अधिकार होगा कि वह अपनी स्थिति के बारे में अपनी पसंद के किसी व्यक्ति को सूचित कर सके। नए कानूनों में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच को प्राथमिकता दी गई है और इन अपराधों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करने का प्रावधान किया गया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों को गंभीर अपराधों के मामले में घटना स्थल का दौरा कर साक्ष्य इकट्ठा करना भी अनिवार्य कर दिया गया है। समाचार माध्यमों, दूरदर्शन और आकाशवाणी के सोशल मीडिया मंचों पर नए कानूनों के बारे में चर्चा और विश्लेषण कराया गया।
सूत्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-यू जी सी, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सभी उच्च शिक्षा संस्थान नए अपराध कानूनों पर एक दिन की परिचर्चा और कार्यशाला आयोजित करेंगे। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रत्येक पुलिस थाने के प्रभारी नए कानूनों की प्रमुख बातों के बारे में कार्यक्रम आयोजित करेंगे।