मार्च 28, 2026 2:17 अपराह्न

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अमरीका से तीन प्राचीन मूर्तियां भारत लौट रही, शोध में अवैध रूप से निकासी की पुष्टि

अमरीका में व्यापक शोध के बाद तीन अमूल्य प्राचीन मूर्तियां भारत लौट रही हैं। शोध में पुष्टि हुई है कि इन मूर्तियों को अवैध रूप से देश से बाहर ले जाया गया था। इन मूर्तियों में नौवीं शताब्दी की शिव नटराज की कांस्य प्रतिमा, बारहवीं शताब्दी की शिव और उमा की सोमस्कंद प्रतिमा और सोलहवीं शताब्दी की संत सुंदरार और परवी की प्रतिमा शामिल हैं। प्राचीन मूर्तियों की वापसी के औपचारिक रूप देने वाले समझौते पर अमरीका में भारतीय दूतावास के उप प्रमुख राजदूत नामग्या खम्पा और राष्ट्रीय एशियाई कला संग्रहालय के निदेशक डॉ. चेस रॉबिन्सन ने हस्ताक्षर किए। भारतीय दूतावास के अनुसार शिव नटराज की कांस्य प्रतिमा स्मिथसोनियन संग्रहालय को दीर्घकालिक ऋण पर दी जाएगी। इससे जनता इसे देख सकेगी और भारत की समृद्ध कलात्मक और आध्यात्मिक विरासत की सराहना कर सकेगी।
 
संग्रहालय की जांच में प्रतिमाओं के लेन-देन के इतिहास का विस्तृत अध्ययन शामिल था। इसमें 1956 से 1959 के बीच मंदिरों में मूर्तियों की उपस्थिति को दर्शाने वाले पुद्दुचेरी में फ्रांसीसी संस्थान के फोटो अभिलेखागार से प्राप्त फोटोग्राफिक साक्ष्यों का उपयोग किया गया था। इन निष्कर्षों को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने पुष्टि की कि कांस्य मूर्तियां भारतीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए ले जाई गई थी। 
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