फ़रवरी 15, 2026 10:29 अपराह्न

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इस वर्ष का केंद्रीय बजट भारत की विकसित राष्ट्र बनने की आकांक्षा को दर्शाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि इस वर्ष का केंद्रीय बजट भारत की विकसित राष्ट्र बनने की आकांक्षा को दर्शाता है। एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में श्री मोदी ने कहा कि बजट अभी नहीं तो कभी नहीं’ जैसा मजबूरी में लिया गया निर्णय नहीं, बल्कि तैयारी और प्रेरणा से उपजा हम तैयार हैं’ वाला पल है।

प्रधानमंत्री ने अगले दशक के लिए तीन प्रमुख सुधार प्राथमिकताएँ भी बताईं। उन्होंने गवर्नेंस को आसान बनाने, संरचनात्मक सुधारों और गहन नवाचार पर जोर दिया। श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की “रिफॉर्म एक्सप्रेस” आम नागरिकों को बड़े पैमाने पर लाभ पहुँचा रही है।

श्री मोदी ने रक्षा बजट में बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में एक दशक के सुधारों के लाभ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भारत को हर समय तैयार रहना होगा और वैश्विक मंच पर बढ़ती भूमिका को देखते हुए देश का रक्षा क्षेत्र आधुनिक होना आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा क्षेत्र के लिए 7 लाख 85 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले बजट की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि यह किसी भी मंत्रालय या विभाग को दिया गया सबसे बड़ा आवंटन है।

श्री मोदी ने महिला सशक्तिकरण को लेकर भी विचार रखें। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि सरकार की विभिन्न पहलें महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्रित हैं।

प्रधानमंत्री ने व्यापार समझौतों पर कहा कि राजनीतिक स्थिरता और नीतिगत पूर्वानुमान ने निवेशकों का विश्वास बहाल किया है। उन्होंने कहा कि विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और एमएसएमई की मजबूती ने भारत को दृढ़ता से व्यापार समझौते करने में सक्षम बनाया है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत के मुक्त व्यापार समझौते वस्त्र, चमड़ा, रसायन, हस्तशिल्प, रत्न और अन्य क्षेत्रों में एमएसएमई के लिए बाजार पहुंच का विस्तार करने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने यूपीए सरकार की नीतिगत विफलताओं को भी उजागर किया और कहा कि इसके कारण ही भारत अब-तक आत्मविश्वास के साथ वार्ता करने में असमर्थ रहा।

प्रधानमंत्री ने आर्थिक परिवर्तन के अगले चरण के लिए निजी क्षेत्र की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। साथ ही उनसे निर्णायक प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को केवल लाभ पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय अनुसंधान एवं विकास, आपूर्ति श्रृंखला और गुणवत्ता में तेजी से निवेश करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित भारत की दिशा में अगली छलांग निजी क्षेत्र द्वारा नवाचार, दीर्घकालिक क्षमता निर्माण और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में साहसिक निवेश पर निर्भर करेगी।