प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के दृष्टिकोण ने आपसी संबंध बनाने, निर्णायक कदम उठाने और संकटकालीन परिस्थितियों का कारगर तरीके से प्रबंधन करने की देश की मजबूत क्षमता को उजागर किया है। नई दिल्ली में कल शाम एक निजी मीडिया समूह की ओर से आयोजित शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 28 फरवरी से विश्व में चल रही अनिश्चितता के बावजूद भारत आत्म-विश्वास और विकास की अपनी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया है कि देश किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हट रहा बल्कि डटकर उनका सामना कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध जैसी कठिन परिस्थितियों में विश्व ने भारत की नीतियों, रणनीतिक सोच और क्षमताओं को पहचाना है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह भी कहा कि भारत खाड़ी देशों से लेकर ग्लोबल वेस्ट, ग्लोबल साउथ और अपने पड़ोसी देशों तक सभी के लिए विश्वसनीय साझेदारी के रूप में उभरा है।
प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार ईंधन, उर्वरक और आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए ऐसे सभी कदम उठा रही है जिससे आम नागरिकों को कम से कम कठिनाइयों का सामना करना पड़े। प्रधानमंत्री ने ऐसे समय में नागरिकों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि 140 करोड़ लोगों के सामूहिक प्रयास राष्ट्र को संकट काल में भी आगे लेकर जा रहे हैं और अर्थव्यवस्था में तीव्र गति से वृद्धि हो रही है।