पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) को कम करने के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में सिद्ध तकनीक आधारित उपायों के राज्यव्यापी विस्तार की घोषणा की है।
यह निर्णय राज्य में मातृ मृत्यु, विशेष रूप से प्रसवोत्तर रक्तस्राव (पीपीएच) से होने वाली मृत्यु को रोकने के लिए शुरू की गई एक पायलट परियोजना के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए लिया गया है।
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कल चंडीगढ़ में ‘मातृ मृत्यु दर में कमी के लिए तकनीकी उपाय’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य मातृ मृत्यु, विशेष रूप से प्रसवोत्तर रक्तस्राव से होने वाली मृत्यु को रोकने के लिए हर सिद्ध तकनीकी समाधान को अपनाएगा। पंजाब में वर्तमान में प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर एमएमआर 95 है, जबकि राष्ट्रीय औसत 88 है।