भारतीय जनता पार्टी सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन अधिनियम का उद्देश्य अधिक पारदर्शिता लाना है। संसद परिसर के बाहर सुश्री सहरावत ने कहा कि 2010 में पारित होने के बाद से इस अधिनियम में दो संशोधन हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि देश में कार्यरत गैर सरकारी संगठनों द्वारा प्राप्त विदेशी निधियों को लेकर चिंताएं जताई गई हैं। सुश्री सहरावत ने कहा कि भारत में किसी भी प्रकार के गैर सरकारी संगठन पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन निधियों की उचित निगरानी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नया विधेयक इस प्रकार की निधियों को नियंत्रित करने वाले नियमों को स्पष्ट करता है।