राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उस मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें कहा गया है कि झारखंड के 14 प्रवासी श्रमिक दुबई में फंसे हुए हैं। आयोग ने झारखंड के मुख्य सचिव और प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष के प्रमुख को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने बताया कि झारखंड के तीन जिलों, गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो के श्रमिकों ने पासपोर्ट जब्त किए जाने, वेतन का भुगतान न होने और भारत न भेजने का आरोप लगाया है। आयोग ने कहा कि श्रमिकों ने झारखंड सरकार से भारत में उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।