दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 के दौरान द लूम एंड द लेंस वीविंग स्टोरीज़, फ्रेमिंग लेगेसी शीर्षक पर आधारित एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का आयोजन दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग, केंद्र सरकार के हथकरघा विकास आयुक्त और एक निजी संस्था के सहयोग से किया गया।
इस प्रदर्शनी में भारतीय हथकरघा और सिनेमा की कालजयी गाथाओं को एक आकर्षक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह फिल्म महोत्सव, दिल्ली सिनेमा, भारत की सांस्कृतिक कल्पना और कहानी कहने की समृद्ध विरासत का एक उत्सव है। ‘द लूम एंड द लेंस’ जैसी पहलें दिल्ली को हमारी विरासत और आधुनिक रचनात्मकता के संगम के रूप में बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत करती हैं।
वहीं, दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा की दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव एक वैश्विक सांस्कृतिक मंच के रूप में उभर रहा है, और द लूम एंड द लेंस जैसी पहलों के माध्यम से, हम इसके दायरे को सिनेमा से भी आगे बढ़ा रहे हैं। श्री मिश्रा ने कहा कि यह प्रदर्शनी पूरे भारत की विविध हथकरघा परंपराओं को एक साथ लाकर और उन्हें फैशन तथा फिल्म जैसे सशक्त माध्यमों से प्रस्तुत करके एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को दर्शा रही है।
कल तक चलने वाले इस महोत्सव में 47 देशों की 125 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है। महोत्सव का उद्देश्य रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, फिल्म पर्यटन को प्रोत्साहित करना और नई प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करना है।