मानसिक शांति और आत्मावलोकन का महत्व बढ़ गया है व ध्यान ही समग्र स्वास्थ्य की कुंजी है: उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन

उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा है कि मानसिक शांति और आत्मावलोकन का महत्व बढ़ गया है और ध्यान ही समग्र स्वास्थ्य की कुंजी है। आज नई दिल्ली में विश्व ध्यान सम्मेलन में उन्होंने कहा कि ध्यान तनाव घटाने, एकाग्रता बढ़ाने और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाने में सहायक है ही, यह जीवन के प्रति एक सहज और सम्यक दृष्टि भी पैदा करता है।

सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि ध्यान से सूक्ष्म दृष्टि पैदा होती है और धैर्य तथा आंतरिक शांति हासिल होती है और नज़रिया सकारात्मक बनता है। उन्होंने कहा कि ध्यान से भ्रम समाप्त होता है और विचारों में स्पष्टता आती है। उप-राष्ट्रपति ने कहा कि संतुलित मस्तिष्क से ही बेहतर विश्व का निर्माण संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि मस्तिष्क और हृदय के बीच सामंजस्य से ही सार्थक प्रतिफल मिल सकता है।

सीपी राधाकृष्णन ने 2047 में विकसित भारत बनाने के लिए देश को अनुशासित प्रयासों की आवश्यकता है जो मन, शरीर और आत्मा के संतुलन से ही संभव है। उन्होंने कहा कि इससे सामाजिक चुनौतियों और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से निपटना भी आसान है। उप-राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि सम्मेलन से दुनिया भर में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का संदेश जाएगा।