जुलाई 22, 2025 9:17 अपराह्न

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विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही निर्धारित समय से पहले ही स्थगित

संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के कारण आज कार्यवाही बाधित रही। दोनों सदनों की कार्यवाही निर्धारित समय से पहले ही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी दल ऑपरेशन सिंदूर, बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण पहल और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहे थे।

लोकसभा की कार्यवाही पहले 12 तक स्‍थगित किए जाने के बाद दोपहर 2 बजे फिर शुरू हुई, तो विपक्षी सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर फिर से नारेबाजी शुरू कर दी। पीठासीन अधिकारी ने सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने देने और अपनी सीटों पर वापस जाने का आग्रह किया।

सभापति ने आश्वासन दिया कि इन मुद्दों पर चर्चा होगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने व्यवधान की निंदा करते हुए विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे चर्चा नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि कल हुई कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कराने का निर्णय लिया गया था। श्री रिजिजू ने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन वह व्यवधान पैदा कर रहा है।

सभापति के बार-बार आग्रह के बाद भी विपक्ष ने नारेबाजी जारी रखी और आसन के सामने आ गए। शोरगुल जारी रहने पर सभापति ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।

राज्यसभा में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब विपक्षी दलों ने बिहार में विशेष गहन समीक्षा और ऑपरेशन सिंदूर सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर सदन में विरोध प्रदर्शन किया। सवेरे 11 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो कांग्रेस, डीएमके, राष्‍ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने नारेबाजी शुरू कर दी।

उपसभापति हरिवंश ने प्रदर्शनकारी सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शोरगुल के बीच सभापति ने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए फिर दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।

दोपहर 2 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो भी ऐसा ही नजारा दिखा जिससे सभापति को सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी। इस बीच सभापति ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बारे में गृह मंत्रालय की अधिसूचना के बारे में  सदन को अवगत कराया।

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