सदन ने कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 को आगे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की सहमति दे दी है। आज लोकसभा में विधेयक पेश करने के बाद, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विस्तृत विश्लेषण के लिए इसे संयुक्त संसदीय समिति को भेजने का प्रस्ताव रखा। इस विधेयक का उद्देश्य सीमित देयता भागीदारी अधिनियम,2008 और कंपनी अधिनियम, 2013 में संशोधन करना है।
विधेयक पेश किए जाने से पहले, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी, टीएमसी के सौगत राय और डीएमके की डॉ. टी. सुमति सहित विपक्षी सदस्यों ने विधेयक के पेश होने का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित कानून कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रावधानों को कमजोर करता है।
जवाब में श्री मती सीतारमण ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन न केवल अधिक निवेश आकर्षित करेगा बल्कि कॉर्पोरेट गवर्नेंस को भी सुगम बनाएगा। उन्होंने बताया कि यह कानून दो साल के गहन विचार-विमर्श के बाद लाया गया है।