पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच सरकार ने आज आश्वासन दिया कि देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार है। नई दिल्ली में पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने बताया कि देश की यूरिया इकाइयां वर्तमान में 80 प्रतिशत क्षमता से उत्पादन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि खरीफ ऋतु में देश को 390 टन उर्वरक की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों के अलावा अन्य स्रोतों से उर्वरकों की आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अप्रैल और मई कृषि के लिए कम उत्पादन वाले महीने होते हैं और आमतौर पर इस अवधि का उपयोग सरकार भंडार बढ़ाने के लिए करती हैं। उन्होंने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए, हमने पहले ही महत्वपूर्ण आयात की व्यवस्था कर ली गई है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसे सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर अनेक उपाय किए हैं और ऐसा करना जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि देश की रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है। संयुक्त सचिव ने कहा कि घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कीमतों को बढ़ने से रोकने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये की कमी की है।