सरकार ने महाराष्ट्र और गोआ में पंचायतीराज संस्थाओं और ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग का पांच सौ 92 करोड रुपये से अधिक का असंबद्ध अनुदान स्वीकृत और जारी कर दिया है। पंचायतीराज मंत्रालय ने बताया कि यह अनुदान पंचायतीराज संस्थाओं और ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा स्थानीय जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके तहत महाराष्ट्र के लिए पहली किस्त का 79 करोड रुपये का रोका गया हिस्सा भी जारी कर दिया गया है। मंत्रालय ने बताया कि यह अनुदान 12 पात्र जिला पंचायतों, 125 पात्र ब्लॉक पंचायत और 27 ग्राम पंचायतों के लिए स्वीकृत किया गया है। गोआ के लिए वित्तीय वर्ष 2025 के लिए अनुदान की 12 करोड रुपये से अधिक की पहली किस्त जारी की गई है। इसके तहत दो पात्र जिला पंचायत और राज्य की सभी 191 ग्राम पंचायतों को कवर किया जाएगा।
संबद्ध अनुदान का उपयोग स्वच्छता और खुले में शौच से मुक्ति का दर्जा बनाए रखने, पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनचर्क्रण सहित बुनियादी सेवाओं के लिए किया जाता है।