तमिलनाडु में चुनावी माहौल चरम पर है और राजनीतिक दल घर-घर जाकर चुनाव प्रचार और रोड शो कर रहे हैं। वहीं, आज डी.एम.के. के सहयोगी और विदुथलाई चिरुथाईगल काची – वी.सी.के. के प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने विधानसभा चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वे कट्टुमन्नारकोइल से चुनाव लड़ेंगे।
पार्टी को सेक्युलर डेमोक्रेटिक एलायंस में आठ सीटें आवंटित की गई हैं। डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन शंकरनकोविल और मुदुकुलथुर में सेक्युलर डेमोक्रेटिक एलायंस के लिए प्रचार कर रहे थे। उन्होंने केंद्र में भाजपा सरकार की तेल की कीमतों को नजरअंदाज करने की आलोचना की और सरकार की उपलब्धियों को उजागर किया। केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा उम्मीदवार डॉ. एल. मुरुगन ने कोयंबटूर में संवाददाताओं से कहा कि राज्य के विकास और लोगों को अधिक अवसर मिल सके, इसके लिए दोहरी इंजन वाली सरकार की जरूरत है। तिरुवनमलाई में चुनाव प्रचार कर रहे ए.आई.ए.डी.एम.के के महासचिव ई. पलानीसामी ने आश्वासन दिया कि सत्ता में आने पर किसानों के ऋण माफ कर दिए जाएंगे। डॉ. अंबुमणि ने मौजूदा राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह केवल आरक्षित वर्ग के लोगों को ही वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर रही है। अलंदूर में चुनाव प्रचार कर रही डीएमके की सहयोगी डी.एम.डी.के की प्रेमलता विजयकांत ने ए.आई.ए.डी.एम.के पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव के बाद पार्टी को झटका लग सकता है।