नागर विमानन मंत्रालय ने इस वर्ष के केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए कहा है कि यह देश के विमानन क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक है। आकाशवाणी समाचार से विशेष बातचीत में मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा ने कहा कि विमानों और स्वदेशी पुर्जों पर बुनियादी सीमा शुल्क में छूट से घरेलू विमान निर्माण को काफी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि रखरखाव, मरम्मत और जांच-पड़ताल के उपकरणों तथा कलपुर्जों पर सीमा शुल्क में छूट को 2028 तक बढ़ाने से देश वैश्विक विमानन रखरखाव केंद्र के रूप में सशक्त बनेगा। सचिव ने कहा कि इन उपायों से लागत में कमी आएगी, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और वैश्विक विमानन क्षेत्र में भारत की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
श्री सिन्हा ने कहा कि गिफ्ट आईएफएसएफ – गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर में कर कटौती को 20 वर्षों तक बढ़ाने से विमान लीजिंग, विमानन परिसंपत्तियों के संपूर्ण जीवन चक्र के अनुरूप बनेगी। उन्होंने कहा कि कटौती अवधि के बाद प्रस्तावित 15 प्रतिशत की घटी हुई कर दर से भारतीय लीजिंग संस्थाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी मदद मिलेगी।
सचिव ने कहा कि बजट में समुद्री विमानों के संबंध में प्रस्तावित प्रोत्साहन और व्यावहारिकता अंतर निधि से स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय और दूरस्थ इलाकों की कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा।