बलूच राष्ट्रीय आंदोलन ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र के दौरान पाकिस्तानी अधिकारियों पर बलोचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों के गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें बलूच लोगों की न्यायिक हत्याएं, उन्हें जबरन गायब करना और यातना देना शामिल है।
सत्र को संबोधन करते हुए बलूच राष्ट्रीय आंदोलन-बीएनएम के अध्यक्ष नसीम बलोच ने कहा कि यूरोपीय संघ ने पाकिस्तान को सामान्यीकृत वरीयता प्रणाली प्लस (GSP+) के तहत विशेष व्यापार दर्जा इस शर्त पर दिया था, कि पाकिस्तान मानवाधिकारों, श्रम सुरक्षा और लोकतांत्रिक शासन पर अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करेगा।
इस दौरान पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे कसीम खान ने अपने पिता की रिहाई के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद से पाकिस्तान सरकार पर दबाव डालने और तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह भी किया।