भारत और अमरीका को आर्थिक सहयोग बढ़ाने और दोनों पक्षों में व्यापारिक विश्वास को मजबूत करने के लिए लंबित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना होगा। अमरीका-भारत व्यापार परिषद के अध्यक्ष अतुल केशप ने हाल ही में अपनी भारत यात्रा के दौरान यह बात कही।
भारतीय निर्यात पर अमरीका के टैरिफ मुद्दे पर श्री केशप ने कहा कि भारत ने इसके प्रभाव को कम करने के लिए अपने निर्यात बाजारों में विविधता लाने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद 2025 में अमरीका को भारत के माल निर्यात में वृद्धि हुई है। श्री केशप ने कहा कि टैरिफ कम करने वाले समझौते से दोनों देशों के उत्पादकों और निर्यातकों को लाभ होगा। भारत के नवोन्मेषी प्रस्तावों से अमरीकी निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच का विस्तार हो सकता है। श्री केशप ने कहा कि इस समझौते से वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार में 500 अरब डॉलर के साझा लक्ष्य की ओर तेजी आएगी।
रक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बढ़ते रणनीतिक सहयोग की पृष्ठभूमि में अमरीका-भारत व्यापार वार्ता हो रही है। पिछले एक दशक में दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार में लगातार वृद्धि हुई है और अमरीकी कंपनियां भारत को दीर्घकालिक निवेश गंतव्य के रूप में देख रही हैं।